निआग्रा-ऑन-द-लेक (कनाडा):
कनाडा की धरती से भारतीय खेल जगत के लिए एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर आई है। 18 वर्षीय स्क्वॉश सनसनी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड स्क्वॉश जूनियर चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में मिस्र की रुकाय्या सालेम को एकतरफा मुकाबले में हराकर भारत के नाम पहला जूनियर विश्व खिताब कर दिया है।
मिस्र का तिलस्म टूटा, पूरे टूर्नामेंट में नहीं गँवाया एक भी गेम
बालिका एकल के खिताबी मुकाबले में टॉप-सीड अनाहत ने दूसरी वरीयता प्राप्त सालेम को 11-3, 11-7, 11-9 से शिकस्त दी। यह जीत कई मायनों में खास है—पहला, इस वर्ग में पिछले 16 वर्षों से लगातार मिस्र के खिलाड़ियों का ही कब्जा था, जिसे अनाहत ने खत्म कर दिया। दूसरा, इस पूरे विश्व कप में अनाहत ने प्रतिद्वंद्वियों को हावी होने का एक भी मौका नहीं दिया और बिना एक भी गेम गंवाए (3-0 से) स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
पुरुष वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों का सफर
जहाँ एक तरफ अनाहत ने इतिहास रचा, वहीं बालक एकल वर्ग में एशियाई जूनियर चैंपियन आर्यवीर दीवान भारत के सबसे सफल खिलाड़ी रहे, जो अंतिम-16 तक पहुंचे। इसके अलावा युशा नफीस और गुरवीर सिंह ने अंतिम-32, जबकि पुरव रामभिया ने अंतिम-64 तक का सफर तय किया।
लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक की ओर कदम
सीनियर PSA टूर में इस समय दुनिया की 20वें नंबर की खिलाड़ी अनाहत के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2028 के लॉस एंजिल्स खेलों में स्क्वॉश अपना ओलंपिक डेब्यू करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अनाहत अब ओलंपिक के मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने की मजबूत दावेदार बन गई हैं।
देशभर से मिली बधाइयां
अनाहत की इस स्वर्णिम सफलता पर केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें बधाई दी है:
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खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने इसे देश के लिए एक गर्व का क्षण और अभूतपूर्व उपलब्धि करार दिया।
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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसे भारत के युवाओं और ‘नारी शक्ति’ के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बताया।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह जीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए खेलों में भारत के बढ़ते वर्चस्व को दिखाती है।
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खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि अनाहत ने करोड़ों युवा भारतीयों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दी है।
